कैसे बनाए आंवले का मुरब्बा

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आंवला प्रक्रति की और से हमें दिया गया एक बहुमूल्य तोहफा है| जों बहुत से गुणों से भरपूर होता है| आंवले में सबसे अधिक मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है| आंवले के नित्य सेवन करने से हमे अनेको बिमारियों से बहुत ही आसानी से निजात पा सकते है| और आयुर्वेद की दुनिया में आंवला का एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है| जिससे बहुत सी बीमारी को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है| इसकी क्षमता का उल्लेख ना जाने कितने ही प्राचीन स्वास्थ संबंधी ग्रंथो एवं आधुनिक औषधीय अनुसन्धानो में किया गया है। इस लाभदायक फल के असंख्य लाभ हैं, इतने की आप गिनते-गिनते थक जाएँगे परंतु इसके लाभ नहीं ख़त्म होंगे।

कैसे बनाए आंवले का मुरब्बा Amle Ka Murabba

आंवले का मुरब्बा बहुत ही स्वादिष्ट होता है| आंवला सर्दी के मौसम में ही बाजार में मिलता है, और इसी मौसम में हम आंवले का अचार या मुरब्बा बना कर रख सकते हैं|

आंवले का मुरब्बा की सामग्री

आंवले – 1 किग्रा.( 25 -30)
चीनी – 1.5 किग्रा.(7.5 कप)
इलाइची – 8-10 ( छील कर पीस लें )
केसर – आधा छोटी चम्मच (यदि आप चाहें)
काली मिर्च -आधा छोटी चम्मच
काला नमक – 1 छोटी चम्मच
फिटकरी – आधा चम्मच

आंवले का मुरब्बा बनाने की विधि

1. मुरब्बा के लिये आंवले पके हुए और बड़े फल लेने चाहिये.

2. आंवलों को पानी में 2 दिन के लिये भिगो दीजिये.

3. आंवले को 2 दिन बाद पानी से निकालिये और इन्हैं कांटे से गोद लीजिये.

4. गोदे हुये आंवले फिटकरी के पानी में डालकर 2 दिन तक भीगने दीजिये.

5. आंवलों को फिटकरी के पानी से निकाल कर अच्छी तरह 2 बार साफ पानी से धो लीजिये.

6. एक भगोने में एक लीटर पानी लेकर गरम कीजिये.

7. पानी में उबाल आने पर गोदे हुये आंवले पानी में डालिये फिर से उबाल आने दीजिये.

8. 2 मिनिट बाद गैस बन्द कर दीजिये.

9. आंवलों को 10 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये.

10. आंवलों को पानी से निकाल कर चलनी में रखकर पानी निकल जाने दीजिये.

11. किसी स्टील के बर्तन में चीनी और 1/2 लीटर पानी डालकर चाशनी बनाइये.

12. आंवलों को चाशनी में डालकर पकाइये.

13. जब आंवले अच्छी तरह से चाशनी में गल जांय.

14. जब चाशनी शहद की तरह गाढ़ी हो जाएगी.

15. तब मुरब्बा को ठंडा होने दीजिये और 1-2 दिन बाद चैक कीजिये कि चाशनी पतली तो नहीं हो गई है.

अगर चाशनी पतली लग रही है तब मुरब्बा को फिर से चाशनी गाढ़ी होने तक पका लीजिये और अब ठंडा होने पर इसमें, इलाइची, काली मिर्च, काला नमक और केसर डाल कर मिला दीजिये.

आंवले का मुरब्बा बनाने का दूसरा तरीका

आंवले का मुरब्बा दूसरी तरीके से इस तरह बनाइये:

1. उबाले हुये आंवले को किसी बड़े बर्तन में डालकर चीनी ऊपर से डालकर भर कर ढक रख दीजिये.

2. 4-5 घंटे बाद आंवले का जूस निकल कर चीनी को घोलकर चाशनी बनाने लगता है.

3. अब हम उसी चाशनी में आंवले को पका कर मुरब्बा बना लेंगे.

4. आंवले का मुरब्बा तैयार है.

5. आंवले का मुरब्बा यदि अच्छी तरह पक गया है तब यह मुरब्बा 2 साल तक भी खराब होने वाला नहीं है.

6. कांच के सूखे कन्टेनर में ये मुरब्बा भरकर रख लीजिये और जब भी आपका मन हो कन्टेनर से मुरब्बा निकालिये और खाइये।

आंवले का मुरब्बा बनाने का तीसरा तरीका

शहद में आंवले का मुरबा बनाने की विधि

1. 500 ग्राम स्वच्छ हरे आंवले कद्दू कस कर के उनका गुद्दा किसी कांच के मर्तबान में डाल दे और गुठली निकाल कर फेंक दे.

2. अब इस गुद्दे पर इतना शहद डाले के गुद्दा शहद में तर हो जाए.

3. तत्पश्चात कांच के पात्र को ढक्कन से ढक कर उसे दस दिन तक रोज़ाना चार पांच घंटे धुप में रखे.

4. इस प्रकार प्राकृतिक तरीके से मुरब्बा बन जाएगा.

5. बस दो दिन बाद इसे खाने के काम में लाया जा सकता हैं.

6. इस विधि से तैयार किया गया मुरब्बा स्वस्थ्य की दृष्टि से श्रेष्ठ हैं.

7. क्योंकि आग की बजाये सूर्य की किरणों से निर्मित होने के कारण इसके गुण धर्म नष्ट नहीं होते.

8. और शहद में रखने से इसकी शक्ति बहुत बढ़ जाती हैं।

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